Sunday 22 January 2012

घर

ढोईजणों ई हो
घर माणस रो
कांई मोल आटै आगै
कोरै छाणस रो।
घर
क्यां रो घर हो
ईंटां ही राड़ री
चूनो हो सुवारथ रो
भाठा हा बुराई रा
माणस ई कठै हा
डेरा हा कसाई रा।
साची बता
कठै हीं नींव
प्रीत री
खाई ही रीत री
कठै हा
सैं थीर निग्गर
जाबक थोथा हा
माणस ई मोथा हा।
कियां ढबतो घर
जकै में रैवंतो डर
हरमेस पड़ण रो
चौखो होयो
जे पड़ग्यो घर।

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