Sunday 20 June 2010

बचपन की यादे भूले नहीं भूलती

व्यक्ति बड़ा हो कर ढेरो टेन्सेनेपल लेता है लकिन जब बचपन मैं होता है तो न कोई तेंसें होती है न कोई फ़िक्र मेरी नजर मैं बचपन ही वो अवस्था है

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