Sunday 25 April 2010

कब आयेंगे बचपन मे

कब आयेंगे बचपन मे
चिंता नहीं थी
आटे दाल के भाव की
किसी के घाव की
जिम्मेदारी नहीं थी
यार की , परिवार की
दादा दादी की , पढाई की
शादी की
अब यह हाल है साल पचपन मे
पता नहीं कब आयेंगे
बचपन मे
कब आयेंगे
बचपन मे

चिंता नहीं थी
आटे दाल के भाव की
किसी के घाव की
जिम्मेदारी नहीं थी
यार की , परिवार की
दादा दादी की , पढाई की
शादी की
अब यह हाल है साल पचपन मे
पता नहीं कब आयेंगे
बचपन मे

Saturday 24 April 2010

लोग तो उम्मीद पर जीते है

हमें तो जीने की भी उम्मीद नहीं

क्या होता है आज और कल में

बदल जाता है बहुत कुछ पल में


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